नई दिल्ली: यूएई से इस्राइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पायलट पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। हालात बिगड़ते देख यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और कॉकपिट में पहुंचकर कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।

यात्रियों ने संभाला मोर्चा, विमान सऊदी अरब डायवर्ट

घटना के दौरान विमान ने करीब एक मिनट में अपनी लगभग आधी ऊंचाई खो दी। यात्रियों और चालक दल के एक सदस्य ने कॉकपिट में पहुंचकर कथित हमलावर को पीछे से पकड़ लिया। इसके बाद विमान का रुख सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। वहां विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।


खून से सनी शर्ट में नेतन्याहू से मिले यात्री

घटना में अहम भूमिका निभाने वाले यात्री यानिव हयून ने बुधवार को तेल अवीव एयरपोर्ट पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी वीडियो में प्रधानमंत्री हयून को गले लगाते और उन्हें ‘हीरो’ बताते नजर आए। मुलाकात के दौरान हयून की शर्ट पर खून लगा हुआ था।

कॉकपिट में देखा खौफनाक मंजर

हयून ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि एक पायलट पर हमला हुआ है, तो उन्होंने अन्य यात्रियों के साथ कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की। घायल पायलट कॉकपिट के दरवाजे से दबा हुआ था, जिससे अंदर जाना मुश्किल हो रहा था। अंदर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक पायलट जमीन पर था और दूसरा पैनल पर था। कथित हमलावर विमान के नियंत्रण से जुड़े उपकरणों के पास था।

हयून ने हमलावर को पीछे से पकड़कर काबू किया और उसे कॉकपिट के नियंत्रण वाले हिस्से से दूर खींच लिया। इसके बाद विमान को दोबारा नियंत्रण में लाने में मदद की गई।


नेतन्याहू ने पूछा- विमान संभालना कैसे जानते थे?

नेतन्याहू ने हयून से पूछा कि उन्हें विमान के नियंत्रण को संभालने के बारे में कैसे पता था। इस पर हयून ने कहा, "मैं एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन देखता हूं, मिस्टर प्रधानमंत्री"।

हयून के मुताबिक, पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई। उस वक्त विमान का अगला हिस्सा नीचे की ओर जा रहा था। उन्हें लगा कि अगर विमान इस्राइली हवाई क्षेत्र तक पहुंच जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

नेतन्याहू बोले- आपने कई लोगों की जान बचाई

मुलाकात के दौरान नेतन्याहू ने हयून के साहस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हयून ने सिर्फ विमान में सवार लोगों की ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों की भी जान बचाई। घटना के पीछे कथित हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। यह घटना 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की बरसी से कुछ दिन पहले हुई है, जिसके बाद गाजा में युद्ध शुरू हुआ था।

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