नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें दिल्ली पुलिस के 'प्रिवेंटिव नोटिस' (एहतियाती नोटिस) को चुनौती दी गई थी। इस मामले में हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को आवश्यक निर्देश भी जारी किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस द्वारा नेहा बोरा को 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियाती हिरासत) में लिए जाने से जुड़ा है। पुलिस ने उन्हें एक एहतियाती नोटिस जारी करते हुए 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक ज़मानत (surety) जमा करने का निर्देश दिया था।

याचिका में क्या दिए गए थे तर्क?

नेहा बोरा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत जारी किए गए इस नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका में इस पूरी कानूनी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पुलिस की यह कार्रवाई उनके मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) का सीधा उल्लंघन है।

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