Petrol-Diesel Prices Rise: पेट्रोल-डीजल 3 रुपये महंगा, 15 मई से देशभर में लागू, यहां जानें रायपुर सिटी के भाव

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। निजी ईंधन रिटेलर नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

यह बढ़ोतरी नायरा एनर्जी के देशभर में संचालित करीब 7,108 पेट्रोल पंपों पर लागू हुई है। यानी यह सभी कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर एक साथ हुई कीमत वृद्धि नहीं है। सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर खुदरा कीमतों में इस समय अलग स्थिति बनी हुई है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में कितनी बढ़ोतरी?

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में सीधे 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है।

कंपनी ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी से ईंधन कारोबार की लागत पर दबाव बढ़ा है।

हालांकि, अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल की अंतिम खुदरा कीमतें टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण अलग होती हैं। इसलिए नायरा के पंप पर बढ़ोतरी की राशि समान होने के बावजूद अंतिम कीमत राज्य के हिसाब से अलग रह सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों का असर

नायरा की यह कीमत बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की बढ़ी हुई लागत के बीच हुई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर उन कंपनियों की लागत पर पड़ता है, जो कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल और डीजल बेचती हैं।

नायरा ने इससे पहले जुलाई में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में नरमी के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम में क्रमशः 5 रुपये और 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। अब कंपनी ने अक्टूबर में उसी अनुपात में कीमतें फिर बढ़ाई हैं।

सरकारी तेल कंपनियों के पंप पर क्या स्थिति है?

फिलहाल नायरा की इस बढ़ोतरी को देशभर में पेट्रोल-डीजल की समान कीमत वृद्धि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सरकारी तेल विपणन कंपनियों के पंपों पर खुदरा कीमतों में इस समय व्यापक बदलाव की रिपोर्ट नहीं है। इससे निजी और सरकारी कंपनियों के पंपों के बीच कीमतों में अंतर बढ़ सकता है।

इससे पहले केंद्र सरकार ने निजी ईंधन कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित नहीं करने को कहा था। सरकार ने ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया है।

आम लोगों और कारोबार पर क्या असर?

पेट्रोल की कीमत बढ़ने का सीधा असर निजी वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के ईंधन खर्च पर पड़ेगा। वहीं डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों की परिचालन लागत बढ़ सकती है।

डीजल परिवहन और लॉजिस्टिक्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में लंबे समय तक कीमतें ऊंची रहने पर माल ढुलाई की लागत पर भी दबाव पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर अलग-अलग कारोबार और परिवहन लागत पर निर्भर करेगा।

Tags: