Milan Pradhan: नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से सियासी हलचल बढ़ गई है। पुलिस ने उन्हें 2007 के पुराने मामलों में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के एक दिन बाद स्थानीय अदालत ने उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है।

ममता के समर्थन के बाद गिरफ्तारी

ममता बनर्जी की ओर से नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया था।

2007 के मामलों में वारंट

पुलिस के मुताबिक मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 से जुड़े चार गैर-जमानती वारंट लंबित थे। इन मामलों में हत्या, दंगा और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से फरार थे और चुनाव के दौरान लंबित वारंटों को लागू करने के निर्देशों के तहत कार्रवाई की गई।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। पार्टी ने कहा है कि गिरफ्तारी के बावजूद नंदीग्राम में उसका चुनाव प्रचार जारी रहेगा। वहीं पुलिस और अन्य पक्षों ने इसे लंबित कानूनी कार्रवाई बताया है।

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