नई दिल्ली। भारत में BRICS संसदीय मंच की 12वीं बैठक 26 और 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगी। इस सम्मेलन में 13 देशों के संसदीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और वैश्विक चुनौतियों, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा समावेशी विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। बैठक का उद्देश्य सदस्य और साझेदार देशों की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाना और संसदीय अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।

13 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

BRICS संसदीय मंच की बैठक में अलग-अलग देशों के प्रतिनिधिमंडल साझा चुनौतियों और संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन से पहले 25 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक निर्धारित है। इसमें संयुक्त वक्तव्य को अंतिम रूप देने से जुड़े विषयों पर काम किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी सम्मेलन में शामिल होने और विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से मुलाकात करने का कार्यक्रम बताया गया है।

जन-केंद्रित विकास के लिए संसद को मजबूत बनाने पर जोर

इस बार सम्मेलन की मुख्य थीम ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसद को मजबूत बनाना’ रखी गई है। इसके तहत चर्चा का फोकस संसदीय संस्थाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने, नीतियों को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर रहेगा। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करते हुए संसदीय व्यवस्था में सुधार की संभावनाओं पर विचार करेंगे।

AI और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर होगी चर्चा

सम्मेलन के प्रमुख विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक का जिम्मेदार, नैतिक और जनहितकारी उपयोग शामिल है। चर्चा में यह विचार किया जाएगा कि तकनीक का इस्तेमाल किस तरह विकास को बढ़ावा देने और आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने में मददगार हो सकता है। इसके साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और डिजिटल बदलाव से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा।

वैश्विक व्यवस्था में सुधार और समावेशी विकास पर मंथन

बैठक में अंतरराष्ट्रीय शासन व्यवस्था में सुधार, संसदों के बीच बेहतर तालमेल और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। प्रतिनिधि इस बात पर चर्चा करेंगे कि संसदीय पहल के जरिए विकास को अधिक समावेशी कैसे बनाया जा सकता है और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किस तरह सहयोग बढ़ाया जा सकता है।

क्या है BRICS संसदीय मंच?

BRICS संसदीय मंच सदस्य देशों की संसदों के बीच संवाद और सहयोग का एक माध्यम है। इसकी पहली बैठक जून 2015 में रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी। वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित बैठक के दौरान संसदीय सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।

BRICS समूह की शुरुआत वर्ष 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ हुई थी। वर्ष 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद इसे BRICS नाम मिला। इसके बाद समूह का विस्तार हुआ और नए सदस्य तथा साझेदार देश इससे जुड़े। नई दिल्ली में होने वाली संसदीय बैठक को विभिन्न देशों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

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