नई दिल्ली। FCRA रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामले में रिश्वतखोरी के आरोप में गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को पकड़ा है।

मामला FCRA यानि Foreign Contribution Regulation Act के तहत रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई की।

क्यों जरूरी है FCRA रजिस्ट्रेशन

FCRA के तहत भारत में विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए नियम और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होती है। इसी प्रक्रिया से जुड़े मामले में गृह मंत्रालय के अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शिकायत और जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस रिश्वतखोरी के नेटवर्क और इसमें और कौन लोग शामिल हैं, इसकी कड़ियां तलाश रह है।

स्पेशल सेल कर रही मामले की जांच

इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों से पूछताछ के जरिए कथित रिश्वत लेनदेन और FCRA रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या दोनों अधिकारियों ने किसी अन्य संस्था या व्यक्ति से भी FCRA से जुड़े काम के लिए पैसे की मांग की थी।

FCRA क्या है?

FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act विदेशी स्रोतों से मिलने वाले योगदान को नियंत्रित करने वाला कानून है। इसके तहत पात्र संस्थाओं और संगठनों को विदेशी चंदा या योगदान प्राप्त करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होता है।

FCRA से जुड़ी रजिस्ट्रेशन और अनुमति की प्रक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। ऐसे में मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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