दुबई/नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। सऊदी अरब के तबुक में शुरुआती इलाज और सर्जरी के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुबई एयरलिफ्ट किया गया है। उनका परिवार भी मुंबई से दुबई पहुंच गया है।

कैप्टन स्मित को इलाज के दौरान अपने परिजनों से मिलने का मौका मिला। परिवार के लिए यह राहत की बात है, क्योंकि घटना के बाद से उनकी हालत को लेकर चिंता बनी हुई थी। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, स्मित को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

PM मोदी ने पत्नी और माता-पिता से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बातचीत की। पीएम ने पायलट के साहस की सराहना करते हुए परिवार को भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन उनकी हरसंभव सहायता कर रहे हैं।

इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन स्मित को 'हीरो' बताते हुए कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ता दिखाई।

पीएम ने कहा कि उनके साहस ने बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की और भारत को उन पर गर्व है। बाद में पीएम मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संदर्भ में कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने में भूमिका निभाई।

भारतीय राजदूत ने परिवार से की मुलाकात

UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल और दुबई में भारत के कांसुल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन स्मित मच्छर के परिवार से मुलाकात की।

भारतीय दूतावास के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया और कैप्टन स्मित की सेहत तथा रिकवरी के बारे में जानकारी साझा की। भारतीय मिशन UAE और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है।

फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे।

उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर और उनके को-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया और कथित तौर पर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। घटना के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आया।

इस दौरान विमान कुछ ही सेकंड में करीब 14,000 फीट नीचे चला गया। स्थिति गंभीर होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की व्यवस्था की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की।

घायल होने के बाद भी कॉकपिट का दरवाजा खोला

हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया।

विमान में मौजूद दो अन्य पायलट, जो यात्री के रूप में सवार थे, ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की ओर डायवर्ट किया गया और वहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

दुनिया भर में हो रही बहादुरी की चर्चा

कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सराहना की है। नेतन्याहू ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की और यात्रियों तथा क्रू को हमलावर को काबू करने का मौका मिला।

फ्लाइट में सवार सभी 174 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। विमान को सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की गई।

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