अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में खेतों की फसल बचाने के लिए लगाए गए बिजली वाले तार की चपेट में आने से एक हाथी शावक की मौत हो गई। घटना बुधवार रात करीब 10 बजे अलकापुरी जंगल से लगे खेतों में हुई।

शावक की मौत के बाद हाथियों का दल रातभर घटनास्थल के आसपास घूमता रहा और चिंघाड़ता रहा। हाथियों की लगातार आवाज से आसपास के ग्रामीणों में भी डर का माहौल बना रहा। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

फसल बचाने लगाए गए तार की चपेट में आया शावक

मामला उदयपुर वन परिक्षेत्र का है। बताया गया कि अलकापुरी के जंगल में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का दल घूम रहा है। हाथियों से फसल को बचाने के लिए खेतों के आसपास झटका देने वाला तार लगाया गया था।

बुधवार रात हाथी का बच्चा इसी तार की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि तार उसकी सूंड और पैर में फंस गया, जिसके बाद करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

सरपंच के परिवार की जमीन होने की बात

जिस खेत के आसपास तार लगाए जाने की बात सामने आई है, वह झिरमिटी सरपंच चंदन एक्का और उनके परिवार के सदस्यों की जमीन बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।

करीब 27 हाथियों का दल क्षेत्र में मौजूद

वन विभाग के मुताबिक, इलाके में करीब 27 हाथियों का दल घूम रहा है। टीम आसपास लगाए गए तारों और संभावित अवैध हुकिंग की भी जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य झटका मशीन से निकलने वाले करंट से किसी व्यक्ति या जानवर की मौत नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से ग्रामीणों ने तार में सीधे बिजली का करंट लगाए जाने की आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग की है।

रातभर घटनास्थल के आसपास रहा हाथियों का झुंड

स्थानीय लोगों के अनुसार, शावक की मौत के बाद हाथियों का दल रातभर घटनास्थल के आसपास मौजूद रहा। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज लगातार सुनाई देती रही, जिससे आसपास रहने वाले लोग सहमे रहे।

वन विभाग अब हाथी शावक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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