नई दिल्ली/रायपुर। शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुने गए 48 शिक्षकों से बातचीत की। पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर इस बातचीत का करीब 5 मिनट का वीडियो जारी किया गया। बातचीत में छत्तीसगढ़ की सुनीता यादव भी शामिल रहीं, जिन्हें इस साल राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई, बदलते व्यवहार, स्क्रीन टाइम और पब्लिक स्पीकिंग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की। एक महिला शिक्षक से पीएम ने बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाने के तरीके भी पूछे।

पीएम मोदी ने पूछा- अच्छा स्पीकर बनने के लिए क्या करना चाहिए?

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने एक महिला शिक्षक से पूछा कि वह बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाती हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह उनके स्कूल के छात्र होते और एक अच्छा स्पीकर बनना चाहते, तो उन्हें क्या करना चाहिए?

शिक्षक ने जवाब दिया कि सबसे पहले कॉन्फिडेंस दिखाना जरूरी है। इस पर पीएम मोदी ने हंसते हुए पूछा कि आखिर यह कॉन्फिडेंस आएगा कैसे? शिक्षक ने बताया कि इसके लिए लगातार प्रैक्टिस करनी होती है।

पीएम मोदी की बातचीत की 3 बड़ी बातें

1- स्क्रीन टाइम को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ने कहा कि आज स्क्रीन टाइम एक तरह की लत बनता जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को वास्तविक खेलों की ओर बढ़ाना इस समस्या से बाहर निकलने में मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर बच्चा खेलों में गहरी रुचि लेना शुरू कर दे और खेल का मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान में जाकर वास्तविक खेल खेलना हो, तो धीरे-धीरे वह स्क्रीन की लत से बाहर निकल सकता है।



छत्तीसगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव को  राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान


2- ड्रेस कोड पर भी हुई चर्चा

पीएम मोदी ने ड्रेस कोड से जुड़े मुद्दे पर कहा कि यह समस्या कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में सामने आई है। उन्होंने इसके पीछे जागरूकता की कमी को भी एक कारण बताया।

उन्होंने कहा कि कई बार नियम बिना पर्याप्त स्पष्टीकरण के लागू कर दिए जाते हैं। ऐसे में नियमों को लागू करने के साथ उनकी सही जानकारी और उद्देश्य समझाना भी जरूरी है।

3- बच्चों के बदलते व्यवहार को पहचानना जरूरी

पीएम मोदी ने शिक्षकों से कहा कि उन्हें बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं और उनके ऊपर पड़ने वाले प्रभावों को समझना जरूरी है। शिक्षकों को यह भी देखना चाहिए कि किसी फैसले या कदम के बाद बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव तो नहीं आ रहा।

27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए शिक्षक

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए देश के 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षकों का चयन किया गया है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इन 48 स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी।



पीएम मोदी की शिक्षकों से पिछली दो मुलाकातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों के साथ बातचीत कर चुके हैं। पिछले दो वर्षों में उनकी बातचीत के दौरान शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए।

2024 में तमिलनाडु की शिक्षिका से बोले थे- सभी को भ्रम है कि वहां सब इंग्लिश जानते हैं...

2024 में पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले 82 शिक्षकों से मुलाकात की थी। इस दौरान तमिलनाडु की एक शिक्षिका ने बताया था कि उनके इलाके में कई लोग स्थानीय भाषा में पढ़ना पसंद करते हैं।

इस पर पीएम मोदी ने कहा था कि हमारे बीच यह भ्रम है कि तमिलनाडु में सभी लोग अंग्रेजी जानते होंगे। उन्होंने कहा था कि इसी वजह से नई शिक्षा नीति में मातृभाषा पर जोर दिया गया है।

2025 में जीएसटी और ऑनलाइन गेमिंग पर की थी चर्चा

2025 में शिक्षक दिवस से एक दिन पहले पीएम मोदी ने दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। पीएम ने करीब 35 मिनट तक शिक्षकों को संबोधित किया था।

इस दौरान जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि पहले बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लिया जाता था।

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