रायपुर। गणेश चतुर्थी का पावन पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन रायपुर के शिवानंद नगर स्थित श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर की बात ही कुछ अलग है।

यहां गणपति बप्पा की आराधना का उत्सव सिर्फ 10 दिनों का नहीं, बल्कि पूरे 21 दिनों तक चलता है। अपनी खास पूजा परंपरा और भव्य आयोजनों के कारण यह मंदिर शहरभर में एक अलग पहचान रखता है। आइए जानते हैं इस मंदिर की उन खासियतों के बारे में जो इसे बाकी जगहों से बिल्कुल जुदा बनाती हैं।

क्या है इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत?

श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान होने वाले अनुष्ठान बेहद खास होते हैं। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर इस मंदिर में लगातार 21 दिनों तक विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान चलते हैं, जो भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होते हैं।

अनोखा श्रृंगार और साज-सज्जा

इन 21 दिनों के दौरान अलग-अलग तिथियों पर भगवान गणेश का अनूठा श्रृंगार किया जाता है। बप्पा के हर दिन के नए और भव्य रूप के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस मंदिर की सबसे बड़ी यूनीक बात यह है कि यहां पूजा-अर्चना के दौरान दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय—दोनों पद्धतियों का समान रूप से पालन किया जाता है।

15 साल पुरानी है यह आस्था की परंपरा

राजधानी के इस विनायक मंदिर में पिछले 15 वर्षों से लगातार यह परंपरा निभाई जा रही है। हर साल गणेशोत्सव के दौरान मंदिर समिति और स्थानीय भक्तों का उत्साह देखने लायक होता है।

पिछले डेढ़ दशक से चली आ रही इस अटूट परंपरा ने धीरे-धीरे इस स्थान को एक प्रमुख आस्था का केंद्र बना दिया है। 21 दिनों तक चलने वाले इस लंबे उत्सव में शामिल होने और बप्पा का आशीर्वाद पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है।

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