राजनंदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले से अंधविश्वास और गड़े धन के लालच से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुर्ग मार्ग पर स्थित मुतेड़ा नवागांव के पास आमनेर नदी के किनारे गड़ा धन निकालने के फेर में तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ किया जा रहा था। देर रात नदी किनारे संदिग्ध हलचल देखकर ग्रामीणों की नजर पड़ी, जिसके बाद पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ।

ग्रामीणों को देख मची भगदड़, दो पकड़ाए

मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब आठ लोग अलग-अलग इलाकों से आमनेर नदी के सुनसान किनारे पहुंचे थे। वहां वे जमीन में दबे कथित खजाने को निकालने के लिए तांत्रिक क्रियाएं कर रहे थे। आधी रात को नदी किनारे गतिविधियां संदिग्ध लगने पर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख तंत्र क्रिया में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई।

अधिकांश आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे, लेकिन ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो लोगों को मौके पर ही धर दबोचा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

अलग-अलग जिलों से आए थे आरोपी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान दुर्ग निवासी अर्जुन चौहान और घुमका बरबसपुर निवासी कन्हैया लाल साहू के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में कन्हैया लाल साहू ने खुलासा किया कि इस गिरोह में दुर्ग और दल्लीराजहरा समेत कई अलग-अलग इलाकों के लगभग 8 लोग शामिल थे।

बलवंत साहू बताया जा रहा मुख्य सरगना

पूछताछ के दौरान अवेली निवासी बलवंत साहू का नाम सामने आया है, जिसे इस पूरी साजिश का मुख्य सरगना माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसकी वास्तविक संलिप्तता का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और फरार साथियों व कथित सरगना की तलाश में जुट गई है।

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