रायपुर। नवा रायपुर के महानदी भवन में मंत्रालयीन कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली स्टाफ बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों का गुस्सा सामने आया है। कर्मचारियों ने धरना देकर बसों की सुरक्षा और उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठाए हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि जिस बस में वे रोजाना सफर करते हैं, उसकी खराब हालत और मेंटेनेंस को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। बुधवार को बस में आग लगने के बाद कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

नवा रायपुर में अचानक बस में लगी आग

बता दें कि बुधवार को मंत्रालयीन कर्मचारियों को वापस लेकर लौट रही बीआरटीएस की लो फ्लोर स्टाफ बस में अचानक आग लग गई। उस समय बस नवा रायपुर में थी।

बस में टाटीबंध और कबीर नगर की ओर जाने वाले कर्मचारी सवार थे। पीछे से आ रही दूसरी बस के स्टाफ ने बस में आग लगी देखी और इसकी सूचना दी। इसके बाद बस में सवार कर्मचारियों को तेजी से बाहर निकाला गया।

बताया गया कि आग बस के इंजन की ओर से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि सभी कर्मचारी समय रहते बस से बाहर निकल गए और किसी को चोट नहीं आई।

बसों की फिटनेस को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी

बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों ने परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुरानी और खराब हालत वाली बसों में रोजाना कर्मचारियों को सफर कराना जोखिम भरा है।

कर्मचारियों की मांग है कि जर्जर बसों को तत्काल हटाकर उनकी जगह सुरक्षित और फिट बसों की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा को केवल किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

पहले भी रास्ते में बंद हो चुकी है स्टाफ बस

कर्मचारियों के मुताबिक, इससे पहले भी एक स्टाफ बस बीच रास्ते में खराब हो गई थी। स्थिति ऐसी बनी कि कर्मचारियों को बस को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा।

कर्मचारियों ने पुरानी बसों की स्थिति और उनके नियमित रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कई बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं और ऐसी स्थिति में उनकी फिटनेस की नियमित जांच बेहद जरूरी है।

तेज रफ्तार को लेकर भी चिंता

कर्मचारियों ने बसों की गति को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि ई-ऑफिस व्यवस्था के चलते सुबह समय पर कार्यालय पहुंचने की आपाधापी में कुछ बसें तेज गति से चलती हैं।

कर्मचारियों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में बसों की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ सुरक्षित ड्राइविंग भी जरूरी है। उनका कहना है कि परिवहन व्यवस्था में कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

धरने पर बैठे कर्मचारी, सुरक्षा व्यवस्था की मांग

बस अग्निकांड के बाद महानदी भवन के मंत्रालय स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। कर्मचारियों की मुख्य मांग सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और जर्जर बसों को हटाने की है।

इस घटना ने स्टाफ बसों के रखरखाव, फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बुधवार की घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन भविष्य में ऐसी घटना गंभीर रूप ले सकती है।

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