Korba Loan Fraud : कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में बजाज फाइनेंस से लोन दिलाने के नाम पर SECL कर्मी से करीब 7 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर कर्मचारी से अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई।

रकम जमा करने के बाद भी जब लोन नहीं मिला और आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे, तब SECL कर्मी ज्ञान जायसवाल को ठगी का पता चला। शिकायत के बाद कोरबा साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर टीम दीपका पहुंची और शिकायतकर्ता से घटना से जुड़ी जानकारी लेने के साथ मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जानकारी जुटाई है।

लोन के नाम पर अलग-अलग किस्तों में लिए पैसे

जानकारी के मुताबिक, दीपका विस्तार परियोजना में पदस्थ SECL कर्मी ज्ञान जायसवाल को आरोपियों ने फोन किया था। फोन करने वालों ने उन्हें बजाज फाइनेंस से लोन दिलाने का भरोसा दिया। आरोपियों ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर अलग-अलग समय पर रकम जमा करने को कहा। ज्ञान जायसवाल ने आरोपियों के बताए तरीके से कई बार पैसे जमा किए। इस तरह उनसे करीब 7 लाख रुपये ले लिए गए। रकम देने के बाद भी लोन की राशि नहीं मिली। आरोपी भी लगातार टालमटोल करते रहे। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत की।

साइबर टीम ने जुटाए डिजिटल सबूत

शिकायत मिलने के बाद कोरबा साइबर सेल ने जांच शुरू की। साइबर निरीक्षक ललित चंद्रा और अजय सोनवानी समेत टीम के सदस्य शिकायतकर्ता के घर पहुंचे।

टीम ने ठगी की पूरी जानकारी लेने के साथ मोबाइल फोन और बैंक लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटाई। अब पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।

ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत

पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। समय पर शिकायत मिलने से डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों में रकम को रोकने और जांच आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल साइबर सेल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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