रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) को संगठनात्मक स्तर पर झटका लगा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और अधिवक्ता भगवानू नायक ने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी सुप्रीमो डॉ. रेणु जोगी को सौंप दिया है। इस्तीफे के पीछे उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है।

निजी कारणों से पार्टी छोड़ने का फैसला

भगवानू नायक ने अपने त्यागपत्र में कहा है कि वे स्वेच्छा से मुख्य प्रवक्ता के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए पार्टी को अपेक्षित समय देना संभव नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से उन्होंने संगठन से अलग होने का निर्णय लिया है।

अजीत जोगी के साथ बिताए समय को बताया अहम

अपने इस्तीफे में भगवानू नायक ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के संस्थापक स्वर्गीय अजीत जोगी के साथ बिताए समय को अपने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अजीत जोगी के सानिध्य में उन्हें राजनीति, जनसेवा और छत्तीसगढ़ के हितों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा और सीख मिली।

अमित जोगी के प्रति जताया आभार

भगवानू नायक ने पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमित जोगी ने उन्हें छोटे भाई की तरह सम्मान और सहयोग दिया। नायक के मुताबिक, पार्टी पद और सदस्यता छोड़ने के बाद भी जोगी परिवार के प्रति उनका सम्मान और व्यक्तिगत संबंध पहले की तरह बने रहेंगे।

बिना किसी शिकायत के दिया इस्तीफा

अपने त्यागपत्र में भगवानू नायक ने स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी कटुता, शिकायत या व्यक्तिगत मतभेद के कारण नहीं है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, मीडिया जगत और छत्तीसगढ़ की जनता से मिले सहयोग और सम्मान के लिए आभार जताया। उनके इस्तीफे के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) में आगे की संगठनात्मक स्थिति पर नजर रहेगी।




 


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