जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। दशहरा की शुरुआती रस्में पाट जात्रा और डेरी गड़ाई पूरी होने के बाद अब रथ निर्माण और मंदिरों की सजावट की तैयारी शुरू हो गई है। इसी बीच मंगलवार को जगदलपुर के मां दंतेश्वरी मंदिर की दान पेटियां खोली गईं।

तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी में 4 में से 3 दान पेटियों को खोला गया। इनमें जमा राशि की देर शाम तक गिनती हुई। करीब 12 लाख 61 हजार रुपए नगद निकले। साथ ही ढाई तोला सोने के आभूषण और 10 ग्राम चांदी भी निकली।

कुछ दिन पहले दंतेवाड़ा में स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर की भी दान पेटियां खोली गईं थी, जिसमें से करीब 21 लाख 62 हजार रुपए दान पेटी से निकले थे। सोने-चांदी के आभूषण के अलावा भक्तों के मन्नत पत्र भी मिले थे। एक पत्र में सड़क की मांग थी।

साल में 2 बार खुलती हैं दान पेटियां

मां दंतेश्वरी मंदिर की दान पेटियां आमतौर पर साल में दो बार खोली जाती हैं। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्रीनिवास मिश्र के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया तहसीलदार, राजस्व विभाग के आरआई-पटवारी और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में की गई। गिनती पूरी होने के बाद राशि बैंक में जमा की गई। इसकी पावती कलेक्टर और ट्रेजरी में जमा होगी।

पिछली बार मिले थे करीब 13 लाख 

मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, नवरात्र के दौरान खोली जाने वाली दान पेटियों से हर साल करीब 13 लाख रुपए के आसपास राशि प्राप्त होती है। साल में दूसरी बार पेटियां खोले जाने पर भी करीब 8 से 9 लाख रुपए की राशि मिलती है।

इसके साथ भक्तों की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण भी मिलते हैं, जिन्हें नियमानुसार शासकीय खजाने में जमा किया जाता है।

राष्ट्रपति भी मुरिया दरबार में हो सकती हैं शामिल

इस बार बस्तर दशहरा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी शामिल हो सकती हैं। उन्होंने 23 अक्टूबर को जगदलपुर में होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया है। इससे पर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ गई हैं।

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