Cyber Crime : बिलासपुर। चकरभाठा थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के बाद डिजिटल पेमेंट ऐप्स के जरिए बैंक खातों से रकम निकालने वाले साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, नकदी और चोरी की रकम से खरीदे गए सामान बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, मामला 8 सितंबर की रात का है। चकरभाठा निवासी सूरज सतनामी तेज बारिश के दौरान इंडियन कॉफी हाउस के पास रुके थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने से वे बेहोश हो गए। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनका मोबाइल गायब मिला।

कुछ दिन बाद जब उन्होंने दूसरे फोन में अपना सिम लगाया तो बैंक खातों से लगातार यूपीआई ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जांच में सामने आया कि उनके और उनकी मां के खातों से करीब 2 लाख 84 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद उन्होंने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

आधार की फोटो से डिजिटल ऐप्स तक पहुंच

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी किए गए मोबाइल का स्क्रीन लॉक खोलने के बाद उसकी गैलरी में मौजूद आधार कार्ड की फोटो से जरूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद फोन-पे और पेटीएम जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप्स को रीसेट कर बैंक खातों तक पहुंच बनाई गई और रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग आईडी में पैसा लगाने के अलावा खाने-पीने, कपड़े खरीदने और कार से घूमने में भी किया।

CCTV और बैंक ट्रांजेक्शन से खुला राज

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। बैंकिंग ट्रांजेक्शन और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक वर्मा (20), करन नायक (18 वर्ष 9 माह), गौरी शंकर साहू उर्फ लालू (18 वर्ष 8 माह) और गगन उर्फ शिबू साहू (25) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक पावर बैंक, 15 हजार रुपये नकद और चोरी की रकम से खरीदे गए कपड़े बरामद किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS और IT Act की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। इस घटना ने मोबाइल में आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य संवेदनशील जानकारी की तस्वीरें रखने के साइबर सुरक्षा जोखिम को भी सामने ला दिया है।

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