Chhattisgarh UPI MDR Protest: छत्तीसगढ़ में UPI MDR का विरोध, सराफा और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कही ये बात
Chhattisgarh UPI MDR Protest: छत्तीसगढ़ में UPI पर MDR को लेकर सराफा और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने विरोध जताया है। व्यापारियों ने सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में UPI भुगतान पर MDR लागू किए जाने की चर्चा के बीच व्यापारिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए सरकार से संबंधित फैसला वापस लेने की मांग की है। यह मामला फिलहाल प्रस्ताव और चर्चा के स्तर पर है।
सराफा एसोसिएशन का कहना है कि अगर व्यापारियों को UPI लेनदेन पर MDR का भुगतान करना पड़ा, तो इसकी भरपाई के लिए ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेने की स्थिति बन सकती है। इससे डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई गई है।
सराफा एसोसिएशन ने क्या कहा?
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष धरमचंद भंसाली ने UPI पर MDR को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि व्यापारियों पर इस तरह का शुल्क आने पर उसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने सरकार से MDR से जुड़े निर्णय को वापस लेने की मांग की है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन की वेबसाइट पर भी धरमचंद भंसाली का नाम संगठन के पदाधिकारियों में दर्ज है।
पेट्रोल पंप एसोसिएशन भी विरोध में
पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने भी UPI पर MDR को लेकर विरोध जताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल घगट के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र भेजा गया है।
एसोसिएशन अब सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है। जवाब मिलने के बाद आगे की रणनीति तय करने की बात कही गई है।
व्यापारियों को किस बात की चिंता है?
व्यापारी संगठनों की मुख्य चिंता UPI भुगतान पर संभावित अतिरिक्त लागत को लेकर है। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बीच यदि व्यापारियों पर MDR का बोझ आता है, तो उसका असर कारोबार और ग्राहकों दोनों पर पड़ सकता है।
खास तौर पर अधिक राशि वाले लेनदेन में व्यापारी इस लागत को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी व्यवस्था लागू होने की स्थिति में शुल्क की वास्तविक दर और उसके लागू होने की शर्तें क्या होंगी।
अब सरकार के जवाब पर नजर
फिलहाल छत्तीसगढ़ में इस मुद्दे को लेकर व्यापारिक संगठनों की आपत्ति सामने आई है और सरकार के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। आगे की स्थिति इसी जवाब और MDR से जुड़े अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।