छत्तीसगढ़ में अब CSC से मिलेंगी 907 सरकारी सेवाएं, गांव के लोगों को भी मिलेगा सीधा फायदा, जानिए डिटेल्स
Chhattisgarh में CSC Services Seva Setu Portal 907 सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 28,450 कॉमन सर्विस सेंटरों के जरिए गांवों तक सुविधा पहुंचेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग ऑनलाइन पोर्टल खोजने की जरूरत कम होगी। राज्य सरकार ने नागरिकों तक डिजिटल सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और सेवा सेतु को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में बुधवार को मंत्रालय में CHiPS और CSC-SPV के बीच एमओयू हुआ। इसके बाद राज्य के कॉमन सर्विस सेंटरों के जरिए सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध 907 सरकारी सेवाओं के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा।
38 विभागों की 907 सेवाएं मिलेंगी
फिलहाल सेवा सेतु पोर्टल पर राज्य के 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अब इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पहुंचकर आवेदन कर सकेंगे।
वहीं, CSC के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं को भी सेवा सेतु पोर्टल पर लाने की व्यवस्था की जाएगी। इसका फायदा प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं और अन्य विभागीय सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों को मिलेगा।
गांवों में भी आसान होगी सरकारी सेवाओं तक पहुंच
छत्तीसगढ़ में इस समय करीब 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर हैं। इनके जरिए 600 से अधिक सरकारी और व्यावसायिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में CSC के ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) नेटवर्क के जरिए सेवा सेतु की सेवाएं लोगों तक पहुंचाई जाएंगी। इससे ऐसे नागरिकों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने या सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने में परेशानी होती है।
यानी अब गांव के लोगों को छोटी-छोटी ऑनलाइन प्रक्रियाओं के लिए जिला या तहसील स्तर के कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
सेवा सेतु पर 54 लाख से ज्यादा आवेदन
सेवा सेतु पोर्टल पर लोगों की बढ़ती निर्भरता का अंदाजा आवेदन के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 1 अप्रैल 2025 से अब तक 54 लाख 23 हजार से ज्यादा आवेदन पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं। इनमें 90 फीसदी से अधिक आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है।
वहीं, अगस्त 2026 से अब तक 8 लाख 35 हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं, जिनमें 6 लाख 97 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण हो चुका है। हर महीने औसतन 3 लाख से ज्यादा लोग सेवा सेतु के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं।
ऐसे पहचान सकेंगे सरकारी सेवा वाला केंद्र
लोगों को यह पहचानने में आसानी हो कि किस कॉमन सर्विस सेंटर पर सरकारी डिजिटल सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है, इसके लिए CSC और सेवा सेतु केंद्रों पर एक जैसी ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे।
एमओयू पर CHiPS के CEO मयंक अग्रवाल और CSC-SPV के स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने हस्ताक्षर किए। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद एक ही केंद्र से ज्यादा सरकारी डिजिटल सेवाओं तक पहुंच मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों के लिए जो ऑनलाइन सरकारी प्रक्रियाओं से परिचित नहीं हैं।