Chhattisgarh: अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना : CM विष्णुदेव साय ने श्रमिकों के 200 मेधावी बच्चों को किया सम्मानित, 39.67 करोड़ रुपये खातों में ट्रांसफर
रायपुर में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया।
रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत श्रमिकों के खातों में 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। कार्यक्रम में इस वर्ष योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
इस साल 200 बच्चों का चयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत पिछले वर्ष 100 बच्चों का चयन किया गया था। सरकार ने उसी समय आने वाले वर्षों में योजना का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया था। इसके तहत इस वर्ष चयनित बच्चों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस तरह पिछले वर्ष के 100 और इस वर्ष के 200 बच्चों को मिलाकर योजना से जुड़े कुल 300 विद्यार्थी और उनके परिवार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का मौका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के विकास में निर्माण श्रमिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सड़कों से लेकर इमारतों और दूसरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में श्रमिकों का योगदान रहता है। ऐसे परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, तभी प्रदेश का समग्र विकास और मजबूत होगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना को इसी उद्देश्य से शुरू किया गया है, ताकि प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच मिल सके।
बच्चों के सपनों पर बोले CM साय
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर आए विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य के बारे में भी पूछा। कई बच्चों ने कलेक्टर बनने की इच्छा जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभी से मजबूत आधार तैयार करने की सलाह दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
श्रमिकों के खातों में भेजी गई करोड़ों की राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रम विभाग की अलग-अलग योजनाओं के तहत प्रदेश के श्रमिकों को निरंतर सहायता दी जा रही है। इसी क्रम में कार्यक्रम के दौरान 39 करोड़ 67 लाख रुपये से ज्यादा की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की गई। सरकार का कहना है कि DBT के जरिए राशि पहुंचने से योजनाओं का लाभ सीधे श्रमिक परिवारों तक पहुंचता है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है।
श्रमिक हितों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक हितों को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने PF व्यवस्था को अधिक पोर्टेबल बनाने और न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹1,000 किए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिकों के जीवन के अलग-अलग चरणों में उन्हें जरूरी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
19-19 स्कूलों का चयन
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत प्रदेश में 19-19 विद्यालयों के चयन का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संस्थानों के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरों पर भी उत्साह देखने को मिला।