CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। राज्य के शक्कर कारखानों में अब गन्ने की खरीदी 425 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। सरकार के इस निर्णय से गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही, पेराई सत्र 2025-26 में पहले खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी बढ़ी हुई दर के अनुसार किया जाएगा।

किसान संघ की मांग पर सरकार की पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शुक्रवार को भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया।

प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी मौजूद रहे। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने गन्ने की खरीदी 425 प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की खुशहाली समृद्ध छत्तीसगढ़ की बुनियाद है। राज्य सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने, कृषि को लाभकारी बनाने और किसान परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों की समस्याओं का समाधान हो और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले।

किसान संघ ने जताया आभार

गन्ने की खरीदी दर बढ़ाकर 425 प्रति क्विंटल किए जाने के फैसले का भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वागत किया। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

सरकार के इस फैसले से गन्ना उत्पादकों को राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि बढ़ी हुई दर का लाभ पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने के भुगतान में भी दिया जाएगा।

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