CG News : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल से 21 आजीवन कारावास के कैदियों को रिहा किया गया है। रिहा होने वालों में 20 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इन कैदियों ने जेल में 14 साल या उससे अधिक समय बिताया था। जेल में उनके अच्छे व्यवहार और आचरण को ध्यान में रखते हुए रिहाई का फैसला लिया गया।

केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जेल डीजी हिमांशु गुप्ता पिछले कुछ महीनों से केंद्रीय जेल बिलासपुर का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कैदियों के मामलों, मानसिक स्थिति, अनुशासन और जेल में उनके व्यवहार का आकलन करने पर जोर दिया।

अच्छे आचरण के आधार पर रिहाई

जेल अधीक्षक के अनुसार, डीजी हिमांशु गुप्ता की पहल पर ऐसे कैदियों की रिहाई के लिए शासन के समक्ष प्रस्ताव रखा गया, जिनका जेल में रहते हुए आचरण अच्छा रहा और जिन्होंने अनुशासन बनाए रखा। इसी प्रक्रिया के तहत 21 कैदियों को रिहा किया गया।

समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर

इस फैसले का उद्देश्य लंबे समय से सजा काट रहे कैदियों को सुधार के बाद समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना है। रिहाई को जेल में बंद अन्य कैदियों के लिए भी एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अनुशासन और बेहतर आचरण उनके पुनर्वास की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि, रिहाई की पात्रता और प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार तय की जाती है। फिलहाल 21 कैदियों की रिहाई के बाद उनके लिए सामान्य जीवन में दोबारा स्थापित होने की चुनौती और अवसर दोनों सामने हैं।

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