रायपुर। अहिवारा से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का पार्थिव शरीर हैदराबाद से रायपुर पहुंच गया है। रायपुर एयरपोर्ट स्थित स्टेट हैंगर में प्रदेश के मंत्रियों, भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद पार्थिव शरीर को दुर्ग-भिलाई के लिए रवाना किया गया। उनका अंतिम संस्कार दुर्ग जिले के गुंडरदेही क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव भेण्ड्रा में किया जाएगा।

स्टेट हैंगर में मंत्रियों और नेताओं ने दी अंतिम विदाई

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को श्रद्धांजलि देने के लिए स्टेट हैंगर में कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री रामविचार नेताम और भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने दिवंगत विधायक को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके निधन से प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।

हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में चल रहा था इलाज

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। फेफड़ों से संबंधित बीमारी के चलते उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। इलाज के दौरान 78 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के साथ दुर्ग-भिलाई और पूरे छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।

शिक्षक के रूप में शुरू हुआ था सफर

12 अगस्त 1948 को जन्मे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी। उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की थी। राजनीति में आने से पहले वे शिक्षा विभाग में व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 1998 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में उन्होंने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी।

तीन बार अहिवारा से बने विधायक

कोर्सेवाड़ा ने वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर पहली बार अहिवारा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। वर्ष 2018 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों से हराया। इस चुनाव में कोर्सेवाड़ा को 96,717 वोट मिले थे, जबकि निर्मल कोसरे के खाते में 71,454 वोट आए थे।

विकास प्राधिकरण में भी निभाई अहम जिम्मेदारी

विधायक के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में कोर्सेवाड़ा को छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला था। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारियां संभालीं। अक्टूबर 2025 में राज्य सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने नवंबर 2025 में इस पद का कार्यभार संभाला था।

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