CG Crime : रायगढ़। जिला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, मामले में शामिल एक अन्य आरोपी भरत कुमार मेश्राम फरार बताया जा रहा है।

वन क्षेत्रों से कटाई कर गोदाम में होता था भंडारण

पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार समेत अन्य वन क्षेत्रों से खैर और तेंदू की लकड़ियां कटवाते थे। इसके बाद इन लकड़ियों को गढ़उमरिया स्थित एक गोदाम में जमा किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि लकड़ियों को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के लिए फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट का इस्तेमाल किया जाता था। इसके जरिए लकड़ी की खेप हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

गोदाम से लकड़ी और परिवहन से जुड़ा सामान जब्त

वन विभाग की कार्रवाई के दौरान गढ़उमरिया स्थित गोदाम से बड़ी मात्रा में खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियां बरामद की गईं। इसके अलावा एक ट्रक, लकड़ी काटने की कटर मशीन, वजन मशीन समेत कई अन्य सामान भी जब्त किया गया है। अधिकारियों ने जब्त सामग्री के आधार पर अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई है।

एक आरोपी अब भी फरार

मामले में जूटमिल थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, संगठित अपराध और वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।वहीं, फरार आरोपी भरत कुमार मेश्राम की तलाश की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लकड़ी की सप्लाई से लेकर दूसरे राज्यों तक परिवहन की पूरी कड़ी की जांच में जुटी है।

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