Bilaspur Khaparganj Pattharav Case: बिलासपुर खपरगंज पथराव मामले में फरार हिस्ट्रीशीटर का सरेंडर, देर रात पहुंचा सिटी कोतवाली थाना
Bilaspur Khaparganj Pattharav Case: बिलासपुर के खपरगंज पथराव और हिंसा मामले में फरार हिस्ट्रीशीटर सोहेल खान ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने अब तक दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान पथराव और हिंसा के मामले में फरार आरोपी और आदतन बदमाश सोहेल खान ने देर रात सरेंडर कर दिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। घटना के दौरान हुए पथराव में TI समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और धारा 144 लागू है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सोहेल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके रिश्तेदारों के घर और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। इस दौरान उसके परिजनों को थाने में बैठाकर पूछताछ भी की गई। इसके बाद सोहेल सरेंडर करने पहुंचा।
सोहेल खान ने सरेंडर करने से पहले मीडिया से बात की। उसने कहा कि वह इस कांड में शामिल नहीं था। मोहल्ले के कुछ युवकों के विरोध करने की जानकारी मिलने पर वह घर से बाहर निकल रहा था, लेकिन परिजनों ने उसे जबरदस्ती घर पर रोक लिया। सोहेल ने आरोप लगाया कि उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
वहीं, सोहेल को हिरासत में लेने के बाद एसीसीयू की टीम ने देर रात तक उससे पूछताछ की। पुलिस उससे घटना में शामिल फरार आरोपियों और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
इस मामले में पुलिस अब तक दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों का आरोप है कि पुलिस एक पक्ष के लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जा रहा है।
Bilaspur Khaparganj Pattharav Case: क्या है मामला
दरअसल, खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव होने लगा। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इसमें तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
पुलिस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में एक पक्ष का मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश के साथ ही अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश कर रही है।