Ambikapur fake doctor FIR: महावीर हॉस्पिटल के 'फर्जी' डॉक्टर पर FIR, QR कोड स्कैन करते ही खुला बड़ा राज, दूसरे की डिग्री पर ICU में कर रहा था इलाज
Ambikapur fake doctor FIR: अंबिकापुर के महावीर हॉस्पिटल में फर्जी डिग्री पर 2 साल से ICU में इलाज कर रहे डॉक्टर पर FIR। QR स्कैन करने पर झारखंड के डॉक्टर का नाम निकला।
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित श्री महावीर हॉस्पिटल में पिछले दो साल से ICU में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे एक कथित डॉक्टर के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी डॉक्टर किसी दूसरे की डिग्री और रजिस्ट्रेशन के सहारे अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहा था।
QR कोड स्कैन करते ही हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, सरगुजा सीएमएचओ और नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम ने महावीर हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब ICU में तैनात डॉक्टर नुरैल आलम की एमबीबीएस (MBBS) डिग्री पर बने QR कोड को स्कैन किया गया, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई।
जांच में पता चला कि वह डिग्री और पंजीयन झारखंड के रहने वाले डॉ. अमरेश कुमार (पिता अभिनंदन कुमार, निवासी रांची) के नाम पर रजिस्टर्ड है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने असली डॉक्टर के दस्तावेजों में हेराफेरी (कूटरचना) कर उस पर अपना नाम दर्ज करवा लिया था।
कलेक्टर के निर्देश पर दर्ज हुआ केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने तुरंत FIR दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय की लीगल शाखा की शिकायत पर गांधीनगर थाने में आरोपी नुरैल आलम के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।
आउटसोर्सिंग कंपनी भी आई जांच के दायरे में
इस पूरे प्रकरण में अब सिपाका हेल्थ केयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक आउटसोर्सिंग कंपनी भी जांच के घेरे में आ गई है। इसी कंपनी ने डॉक्टर नुरैल आलम को महावीर हॉस्पिटल में नियुक्त किया था। अब बड़ा सवाल यह है कि कंपनी ने बिना दस्तावेजों का सत्यापन किए इतने संवेदनशील विभाग (ICU) में एक फर्जी शख्स को कैसे नौकरी पर रख दिया। पुलिस अब अस्पताल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने दो साल में कितने मरीजों का इलाज किया है।