नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सपाट रुख के साथ हुई थी, लेकिन सत्र के अंतिम दौर आते-आते बाजार बिकवाली के भारी दबाव से उबर नहीं पाया और अंततः लाल निशान पर बंद हुआ।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 251.89 अंक टूटकर 72,781.89 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 99.25 अंक फिसलकर 22,622.70 के स्तर पर बंद हुआ।

क्यों फिसला बाजार?

ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले और कमजोर संकेतों के बीच घरेलू निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली करने को ज्यादा प्राथमिकता दी। दिनभर बाजार में बिकवाली का दबाव हावी रहने के कारण दोनों प्रमुख सूचकांक संभल नहीं पाए।

फार्मा और फाइनेंशियल सेक्टर में भारी बिकवाली

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव प्रमुख सेक्टर्स में देखने को मिला। निफ्टी फार्मा में सबसे अधिक 1.29% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.20% की कमजोरी के साथ बंद हुआ। ऑटो सेक्टर में भी दिनभर सुस्ती रही और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.93% टूट गया। वहीं, मेटल सेक्टर में भी 0.71% की गिरावट देखने को मिली।

FMCG और IT सेक्टर से मिला सपोर्ट

गिरावट के इस माहौल में कुछ सेक्टर्स ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी और बाजार को बड़ी गिरावट से बचाया। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.20% की शानदार तेजी देखने को मिली।

निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे निफ्टी आईटी 1.14% उछलकर बंद हुआ। इसके अलावा मीडिया (0.54% बढ़त) और सरकारी बैंक (निफ्टी पीएसयू बैंक 0.26% बढ़त) के शेयरों ने भी बाजार को थोड़ा सपोर्ट किया।

मिडकैप और स्मॉलकैप का मिला-जुला रुख

लार्जकैप शेयरों में गिरावट के बीच छोटे और मझोले शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 500 इंडेक्स में 0.14% की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडस्मॉलकैप 400 इंडेक्स में 0.06% की हल्की गिरावट रही।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है, इसलिए निवेशकों को नए निवेश से पहले बाजार की चाल का गहराई से आकलन करना चाहिए।

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