Share Market: मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव हावी रहा। दिन के अंत में सेंसेक्स 382.62 अंक गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 118.55 अंक टूटकर 23,779.15 के स्तर पर आ गया।

वैश्विक संकेतों का बाजार पर असर

बाजार में गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख को प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी निवेशकों ने कई शेयरों में मुनाफावसूली की। इससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा।

होर्मुज घटनाक्रम से भी चिंता

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, घरेलू प्रमुख सूचकांक और लार्ज-कैप शेयर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों से प्रभावित हुए हैं। हालांकि, कुछ चुनिंदा मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में मजबूत आय के चलते खरीदारी देखने को मिली।

व्यापक बाजार में बढ़ रही संवेदनशीलता

विश्लेषकों के अनुसार, 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में बिकवाली के बाद वैल्यू बाइंग से कई शेयरों के मूल्यांकन आकर्षक हुए हैं। कंपनियों की आय में सुधार से भी कुछ शेयरों को समर्थन मिला है। हालांकि, सप्लाई चेन में संभावित व्यवधान और कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक संकेत बाजार के लिए चिंता बने हुए हैं।

रुपया भी कमजोर होकर बंद

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे कमजोर होकर 94.50 के अनंतिम स्तर पर बंद हुआ। डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी के बाहर जाने का असर रुपये पर पड़ा।

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