नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चल रही चर्चा अब एक ठोस मुकाम पर पहुंच गई है। जी हां, दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की तारीख तय हो गई है और यह इसी महीने यानी विजया दशमी के मौके पर लागू होने जा रहा है।

केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी हुए बताया कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। न्यूजीलैंड की संसद ने इसे पहले ही भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसे लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। आइए जानते हैं कि इस डील से भारत और न्यूजीलैंड के कारोबार पर क्या और कैसा असर पड़ेगा।

कब से लागू होगा समझौता और क्या होगा फायदा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने की तारीख 20 अक्टूबर 2026 तय की गई है। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के मुताबिक, वहां की संसद में 16 सितंबर को इस एग्रीमेंट पर मुहर लगी थी, जहां पक्ष-विपक्ष के मतों के आधार पर इसे 93-29 से मंजूरी मिली।

इस डील के फाइनल होने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुलकर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने याद दिलाया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने अपने देश की जनता से वादा किया था कि वे अपने पहले कार्यकाल में ही भारत के साथ फ्री ट्रेड डील करेंगे। अब उस वादे के पूरा होने से वहां के बिजनेस सेक्टर में उत्साह का माहौल है। वैसे आपको बता दें कि इन दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर औपचारिक बातचीत की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी।

दोनों देशों के कारोबार को कैसे मिलेगी रफ्तार?

इस समझौते के अमल में आने से दोनों देशों के व्यापारियों और कंपनियों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है।

न्यूजीलैंड के निर्यातकों को राहत

समझौते के नियमों के तहत, भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर अब कोई शुल्क (Duty) नहीं लगेगा। वहीं, जब यह एग्रीमेंट पूरी तरह लागू हो जाएगा, तो लगभग 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क या तो पूरी तरह हट जाएंगे या फिर काफी कम कर दिए जाएंगे।

कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को बड़ा फायदा

इस डील का सबसे बड़ा असर न्यूजीलैंड के कृषि सेक्टर पर दिखेगा। अकेले वहां की कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को अगले पांच वर्षों में टैक्स या शुल्क के रूप में लगभग 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की बचत होने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा, बॉर्डर पर सामानों की क्लीयरेंस भी तेजी से होगी।

भारत की बढ़ती ट्रेड डिप्लोमेसी 

वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो यह समझौता भारत के लिए बेहद रणनीतिक महत्व रखता है। पिछले कुछ सालों में भारत ने अपनी व्यापारिक नीतियों में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं।

ओमान, यूके ईएफटीए (EFTA) देशों, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के साथ सफल समझौतों के बाद, यह भारत का सातवां प्रमुख मुक्त व्यापार समझौता है।

इस डील के जरिए दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का जो लक्ष्य रखा है, उसे हासिल करने में यह एक मजबूत कदम साबित होगा। न्यूजीलैंड की नजरें भारत के तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग पर हैं, जो फूड प्रोडक्ट्स, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन और प्रोफेशनल सेवाओं की लगातार मांग बढ़ा रहा है।

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