Bihar News: नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें, नितिन गडकरी और CM सम्राट चौधरी के बीच हुआ समझौता
| बिहार में नदियों और जलाशयों से निकाली गई गाद का इस्तेमाल NHAI सड़क निर्माण में करेगा। नितिन गडकरी और CM सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुए समझौते के तहत 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग की योजना है।
पटना। बिहार में बाढ़ और नदियों में जमा गाद की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने नई पहल की है। अब राज्य की नदियों और जलाशयों से निकाली जाने वाली गाद का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। इस योजना को लेकर बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच मंगलवार को दिल्ली में समझौता हुआ। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में इस करार पर हस्ताक्षर किए गए।
नदियों की गाद से सड़क निर्माण को मिलेगी रफ्तार
समझौते के तहत नदियों और जलाशयों से वैज्ञानिक तरीके से निकाली गई उपयुक्त गाद का इस्तेमाल सड़क निर्माण और हाईवे को ऊंचा करने जैसे कार्यों में किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आधुनिक तकनीकों की मदद से गाद निकालने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेगा। इस पहल से एक ओर नदियों में जलप्रवाह बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण के लिए मिट्टी की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
गडकरी बोले- दूसरे राज्य भी अपनाएं बिहार की गाद नीति
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पहल को बिहार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दूसरे राज्यों को भी बिहार की गाद नीति से प्रेरणा लेकर ऐसी व्यवस्था अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों में जमा होकर बाढ़ की समस्या बढ़ाने वाली गाद का इस्तेमाल अब विकास कार्यों में किया जा सकेगा। उनके मुताबिक, इससे नदी पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्जीवन, राजमार्ग निर्माण की लागत घटाने और प्राकृतिक ऊपरी मिट्टी के इस्तेमाल को सीमित करने में मदद मिलेगी।
CM सम्राट चौधरी बोले- गाद बनेगी बिहार के विकास की ताकत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की कई नदियों में एक-दो नहीं, बल्कि 10-10 मीटर तक गाद जमा हो चुकी है। इससे नदियों का जलप्रवाह प्रभावित होता है और बाढ़ की समस्या भी गंभीर होती है। उन्होंने कहा कि अब इसी गाद का इस्तेमाल सड़क और दूसरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह पहल बिहार के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में उपयोगी साबित हो सकती है।
835 लाख घन मीटर गाद के इस्तेमाल की योजना
इस समझौते के तहत पहले चरण में 16 निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में नदियों से निकाली गई 243 लाख घन मीटर गाद का निःशुल्क उपयोग किया जाएगा। वहीं, भविष्य की कुल 27 परियोजनाओं में अनुमानित 835 लाख घन मीटर गाद के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। इससे बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
बिहार में हजारों करोड़ की सड़क परियोजनाएं जारी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, बिहार में फिलहाल करीब 1,561 किलोमीटर लंबाई की 39 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 58,340 करोड़ रुपये है। इसके अलावा करीब 1,982 किलोमीटर लंबाई की 11 नई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिन पर लगभग 1,85,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ऐसे में नदियों की गाद का इस्तेमाल सड़क निर्माण में होने से इन परियोजनाओं को गति देने में मदद मिल सकती है।
इस समझौते को बिहार में बाढ़ नियंत्रण से जुड़े प्रयासों और सड़क बुनियादी ढांचे के विकास को जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इसके वास्तविक परिणाम गाद निकासी की वैज्ञानिक प्रक्रिया, पर्यावरणीय प्रभावों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।