Bihar Film City: ‘भोजपुरी बवाल’ में CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार में बनेगी फिल्म सिटी; 54 फिल्मों की शूटिंग को मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बिहार बदल रहा है और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए राज्य में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
पटना। बिहार में फिल्म इंडस्ट्री को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में जल्द फिल्म सिटी का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने भोजपुरी फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं से अपील की कि वे मिलकर फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को जरूरी सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।
‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले में हुआ ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार बदल रहा है और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए राज्य में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में अभिनय, निर्देशन, लेखन, संगीत और फिल्म निर्माण के अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रतिभा है। सरकार ऐसे युवाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं देने की दिशा में काम करेगी।
54 फिल्मों की शूटिंग को सरकार की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 54 फिल्मों की शूटिंग के लिए सरकार की सहमति मिल चुकी है। इससे राज्य को फिल्म शूटिंग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की कोशिश का संकेत मिलता है। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी अक्टूबर से बिहार में एक फिल्म की शूटिंग करने की इच्छा जताई है। इससे राज्य में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को लेकर उत्साह बढ़ा है।
भोजपुरी के साथ दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को भी बढ़ावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में सिर्फ भोजपुरी फिल्मों तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। अंगिका, मगही, बज्जिका और मैथिली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में भी फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कलाकारों और निर्माताओं से इन भाषाओं की संस्कृति और कहानियों को फिल्मों के जरिए बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की अपील की। सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के विस्तार से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म निर्माण से जुड़े युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
बिहार की संस्कृति को फिल्मों के जरिए मिलेगी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को देश-दुनिया के सामने सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करने की जरूरत है। उन्होंने नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक शिक्षा केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की विरासत अत्यंत समृद्ध रही है।उन्होंने फिल्म कलाकारों से आग्रह किया कि वे फिल्मों के माध्यम से बिहार की सकारात्मक तस्वीर दुनिया के सामने रखें और राज्य की संस्कृति, पर्यटन और विरासत को नई पहचान दिलाने में ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाएं।
फिल्म सिटी से रोजगार और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
फिल्म सिटी बनने से बिहार में शूटिंग के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ लेखक, निर्देशक, कैमरामैन, एडिटर, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य पेशेवरों को काम के अवसर मिल सकते हैं। सरकार का लक्ष्य फिल्म निर्माण को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए इसे रोजगार, पर्यटन और सांस्कृतिक प्रचार से जोड़ना है। हालांकि, फिल्म सिटी के लिए स्थान अभी तय नहीं किया गया है और कलाकारों से उपयुक्त जगह सुझाने को कहा गया है।
कार्यक्रम में भोजपुरी सिनेमा के कई सितारे मौजूद
‘भोजपुरी बवाल’ के कार्यक्रम में अभिनेता पवन सिंह, दिनेश लाल यादव, आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और पाखी हेगड़े समेत भोजपुरी मनोरंजन जगत से जुड़े कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने बिहार में फिल्म निर्माण को नई दिशा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।