नई दिल्ली। पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री में होने वाली रजिस्ट्रेशन संबंधी परेशानियों को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत अगर कोई खरीदार वाहन खरीदने के 6 महीने यानी 180 दिनों के भीतर अपने नाम पर RC ट्रांसफर नहीं कराता है, तो वाहन का मालिकाना हक दोबारा उस डीलर के नाम दर्ज किया जा सकता है, जिससे वाहन खरीदा गया था।

RC ट्रांसफर में देरी रोकने के लिए नया प्रस्ताव

मौजूदा व्यवस्था में कई लोग सेकेंड हैंड कार या बाइक खरीदने के बाद लंबे समय तक RC ट्रांसफर नहीं कराते हैं। इससे वाहन के पुराने मालिक, खरीदार और डीलर के बीच कानूनी विवाद की स्थिति बन जाती है। नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद वाहन खरीदने वालों को तय समय सीमा के अंदर सभी दस्तावेज पूरे कराकर RC अपने नाम करानी होगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से RTO रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होंगे और वाहन से जुड़े विवादों में कमी आएगी।

डीलरों की बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए नियम के तहत RC ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कराने में डीलरों की भूमिका भी अहम होगी। यदि 6 महीने के भीतर वाहन का नामांतरण नहीं होता है तो डीलर को इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। इससे डीलरों पर दबाव रहेगा कि वे खरीदारों से समय पर सभी जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करवाएं।

इन स्थितियों में नहीं होगा RC ट्रांसफर

सरकार ने RC ट्रांसफर को लेकर कुछ जरूरी शर्तें भी प्रस्तावित की हैं। अगर वाहन के दस्तावेज पूरे नहीं हैं तो नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।

-वैध RC, इंश्योरेंस या PUC प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर

-वाहन पर पुराने ट्रैफिक चालान लंबित होने पर

-टैक्स या अन्य सरकारी बकाया होने पर

इन सभी मामलों में पहले बकाया राशि और दस्तावेजों को पूरा करना जरूरी होगा।

क्यों जरूरी हुआ नया नियम?

कई मामलों में वाहन खरीदने के बाद RC ट्रांसफर नहीं होने से परेशानियां सामने आती थीं। अगर वाहन से कोई दुर्घटना या अपराध हो जाता था तो पुलिस जांच में पुराने मालिक या रिकॉर्ड में दर्ज व्यक्ति तक पहुंचती थी। इसके अलावा ट्रैफिक चालान और अन्य कानूनी नोटिस भी पुराने मालिक के पास पहुंचते रहते थे।

नए नियम से वाहन की वास्तविक जिम्मेदारी तय होगी और रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी।

2028 से वाहनों में अनिवार्य हो सकती है V2V तकनीक

इसी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में सड़क सुरक्षा को लेकर एक और बड़ा प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने 1 अक्टूबर 2028 से नए L, M और N कैटेगरी के वाहनों में व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन तकनीक अनिवार्य करने का सुझाव दिया है।

इस तकनीक की मदद से वाहन आपस में जानकारी साझा कर सकेंगे और संभावित दुर्घटनाओं को पहले ही रोकने में मदद मिलेगी। यह सुविधा दोपहिया वाहनों, कारों और कमर्शियल वाहनों में लागू करने का प्रस्ताव है।

अभी कानून नहीं बना, मांगे गए सुझाव

सरकार का यह फैसला अभी ड्राफ्ट प्रस्ताव के स्तर पर है। मंत्रालय ने आम लोगों, ऑटोमोबाइल कंपनियों और डीलरों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद ही अंतिम नियम जारी किए जाएंगे।

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