Air India Express Flight : उड़ान से ठीक पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में तकनीकी खराबी, 166 यात्री थे सवार

Air India flight
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Air India Express Flight : लखनऊ। एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक इंटरनेशनल फ्लाइट उस समय रद्द करनी पड़ी जब उड़ान से ठीक पहले उसमें तकनीकी खराबी आ गई। यह घटना बुधवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घटी, जब IX 193 (बोइंग 737 मैक्स 8, VT-BXZ) विमान को दुबई के लिए रवाना होना था। विमान में उस वक्त 166 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे।
पायलट को मिली तकनीकी गड़बड़ी की सूचना
जानकारी के अनुसार, पायलट जैसे ही इंजन स्टार्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे थे, उसी दौरान तकनीकी खराबी का संकेत मिला। इसके बाद पायलट और ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत उड़ान को रद्द करने का फैसला लिया। यह विमान सुबह 8:45 बजे उड़ान भरने वाला था, जबकि इसी रूट की फ्लाइट IX 194 दुबई से सुबह 8:15 बजे लखनऊ पहुंची थी।
यात्रियों को तुरंत दी गई जानकारी
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि फ्लाइट में सवार यात्रियों को बोर्डिंग के तुरंत बाद ही खराबी की सूचना दे दी गई थी। यात्रियों को दो विकल्प दिए गए या तो वे पूरी टिकट राशि वापस ले सकते हैं या फिर एयरलाइन की ओर से होटल ठहराव और रि-शेड्यूलिंग सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि यह विमान 6 साल से अधिक पुराना है और मई 2019 में अपनी पहली उड़ान भरी थी। इसी विमान को तीन दिन पहले भी हैदराबाद फ्लाइट के लिए टेकऑफ से पहले रोका गया था, जब उसमें तकनीकी गड़बड़ी पाई गई थी।
अहमदाबाद में हुए बड़े विमान हादसे की पृष्ठभूमि
इस घटना ने लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर जब 12 जून 2025 को एयर इंडिया का एक अन्य विमान अहमदाबाद में क्रैश हो गया था। इस भयावह हादसे में 241 यात्रियों समेत कुल 275 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया कि विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच RUN से CUTOFF में बदल जाने के कारण यह हादसा हुआ। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दो पायलटों की बातचीत भी रिकॉर्ड हुई, जिसमें एक दूसरे से पूछता है कि फ्यूल क्यों बंद किया गया, जबकि जवाब में कहा गया, "मैंने ऐसा नहीं किया।"
पायलटों का अनुभव भी सवालों के घेरे में
रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट के पायलट इन कमांड सुमित सभरवाल के पास 8,600 घंटे से अधिक और को-पायलट कुंदर के पास 1,100 घंटे से ज़्यादा उड़ान का अनुभव था। दोनों पायलटों ने उड़ान से पहले पर्याप्त विश्राम भी लिया था।


