Adani Group : नई दिल्ली: अडानी ग्रुप के लिए आज शुक्रवार का दिन बेहद भारी है । बाजार खुलते ही ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों में हलचल मच गई।
अडानी इंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी, और अडानी पावर जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए। इस गिरावट से अडानी ग्रुप के बाजार पूंजीकरण को लगभग 76,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
क्या हैं गिरावट के कारण?
1. घूसखोरी के आरोप
हाल ही में अमेरिका में अडानी ग्रुप के अधिकारियों पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों ने ग्रुप की छवि को नुकसान पहुंचाया है, जिससे शेयरधारकों में चिंता बढ़ गई है।
2. सेबी की जांच
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अडानी एनर्जी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें शेयरधारकों के गलत वर्गीकरण का आरोप लगाया गया है, जिससे निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है।
3. हिंडनबर्ग रिपोर्ट का प्रभाव
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट ने पहले ही अडानी ग्रुप की स्थिरता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद से ग्रुप के शेयरों में लगातार अस्थिरता देखी जा रही है।
प्रभावित कंपनियां
शुक्रवार की गिरावट ने ग्रुप की प्रमुख कंपनियों को बुरी तरह प्रभावित किया:
- अडानी इंटरप्राइजेज: 20% की गिरावट के साथ लोअर सर्किट पर पहुंचा।
- अडानी पोर्ट्स: 20% की गिरावट।
- अडानी ग्रीन एनर्जी: 19% की गिरावट।
- अडानी पावर: 13% की गिरावट।
बाजार पर असर और निवेशकों की प्रतिक्रिया
इस अचानक आई गिरावट ने न केवल अडानी ग्रुप बल्कि पूरे शेयर बाजार पर असर डाला है। निवेशकों में बेचैनी बढ़ी है, और विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
अडानी ग्रुप के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। घूसखोरी के आरोप, सेबी की जांच, और हिंडनबर्ग रिपोर्ट जैसे मुद्दों ने ग्रुप की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह होगा कि अडानी ग्रुप इस संकट से उबरने के लिए क्या कदम उठाता है और निवेशकों का विश्वास दोबारा कैसे हासिल करता है।