Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

जगन्नाथ पुरी धाम की अनोखी परंपरा : भगवान जगन्नाथ को क्यों चढ़ाया जाता है ‘बेंत’? जानिए इससे जुड़ा किस्सा

Asian News
जगन्नाथ पुरी धाम की अनोखी परंपरा : भगवान जगन्नाथ को क्यों चढ़ाया जाता है ‘बेंत’? जानिए इससे जुड़ा किस्सा
X

जगन्नाथ पुरी धाम की अनोखी परंपरा : भगवान जगन्नाथ को क्यों चढ़ाया जाता है ‘बेंत’? जानिए इससे जुड़ा किस्सा

पुरी। जगन्नाथ पुरी धाम की कई अनोखी परंपराएं भक्तों को हमेशा आकर्षित करती हैं। इन्हीं में से एक है ‘बेंत प्रसाद’ की परंपरा।

क्या है बेंत की परंपरा?

बेंत या बेंटा पारंपरिक रूप से बांस या बेंत से बनी झुकी हुई छड़ी होती है। इसे भगवान जगन्नाथ को प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाता है। यह छड़ी अधिकार, सुरक्षा और भक्तों के मार्गदर्शन का प्रतीक मानी जाती है। साथ ही यह प्रभु जगन्नाथ को राजा और ब्रह्मांड के रक्षक के रूप में दर्शाती है।

अनुशासन और न्याय का प्रतीक

बेंत की छड़ी रथ यात्रा के दौरान सहारा देने का भी प्रतीक है। इसे अनुशासन और न्यायपूर्ण शासन का प्रतीक माना जाता है। भक्तों को याद दिलाती है कि भगवान करुणा के साथ-साथ धर्म और न्याय का भी पालन करते हैं।

मां यशोदा से जुड़ी कथा

इस परंपरा की एक मान्यता भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से जुड़ी है। मां यशोदा शरारत करने पर बालकृष्ण को बेंत से डांटती थीं। इसी कथा से प्रेरित यह परंपरा आज भी जगन्नाथ मंदिर में निभाई जाती है।

पापों का नाश और सकारात्मक ऊर्जा

मंदिर में विशेष बेंत का स्पर्श श्रद्धालुओं को कराया जाता है। मान्यता है कि इसके स्पर्श से पापों का नाश होता है, जीवन में सकारात्मकता आती है और सही मार्ग की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालु घर ले जाते हैं प्रसाद

कई श्रद्धालु बेंत को प्रसाद के रूप में घर ले जाते हैं। इसे घर के मंदिर में स्थापित कर पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019