प्रदूषण के कारणों की पहचान के लिए ड्रोन मॉनिटरिंग
दिल्ली में प्रदूषण के कारणों की पहचान के लिए ड्रोन मॉनिटरिंग : दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रदूषण हॉटस्पॉट जोन में प्रदूषण के कारकों की पहचान के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन से मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु:
- ड्रोन की ऊँचाई: ड्रोन 120 मीटर की ऊँचाई से 200 मीटर की परिधि में प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की जानकारी इकट्ठा करेगा।
- सूचना का वितरण: यह जानकारी पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को प्रदान की जाएगी।
- हॉटस्पॉट्स की संख्या: दिल्ली में 13 हॉट-स्पॉट हैं, जहां प्रदूषण का स्तर सामान्य से अधिक होता है।
प्रदूषण हॉटस्पॉट्स:
- प्रमुख हॉटस्पॉट्स में आनंद विहार, वजीरपुर, विवेक विहार, जहांगीरपुरी, अशोक विहार, बवाना, रोहिणी, नरेला, द्वारका, मुंडका, पंजाबी बाग, आरके पुरम और ओखला फेज-2 शामिल हैं।
यह पहल न केवल प्रदूषण के स्रोतों की पहचान में मदद करेगी, बल्कि प्रभावी नीतियों और उपायों को विकसित करने में भी सहायक होगी। दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से प्रदूषण नियंत्रण में सुधार की उम्मीद है।
