India-New Zealand FTA Deal: ऑकलैंड/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दूसरे दिन ऑकलैंड में भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए,रक्षा सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
India-New Zealand FTA Deal: न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, निवेश और खेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।
India-New Zealand FTA Deal: वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कम समय में इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रधानमंत्री लक्सन के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों की मित्रता और आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती देगा।
India-New Zealand FTA Deal: एफटीए के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम होंगी। समझौते के तहत न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर भारत में टैरिफ कम या समाप्त कर दिया जाएगा।
India-New Zealand FTA Deal: वहीं, न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात को पहले दिन से ही शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। दूसरी ओर, भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले सभी उत्पादों पर टैरिफ समाप्त किए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
India-New Zealand FTA Deal: हालांकि, भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए डेयरी उत्पाद, चीनी, सेब सहित कुछ संवेदनशील कृषि वस्तुओं को टैरिफ रियायत के दायरे से बाहर रखा है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू कृषि और डेयरी क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
India-New Zealand FTA Deal: बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, निवेश और खेल के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और आपसी विश्वास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
India-New Zealand FTA Deal: इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह सहयोग भविष्य में आर्थिक समृद्धि, क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

