China-India : चीन ने चावल के बाद ठुकराई भारत की मिर्च, जानिए क्या है वजह
China-India : नई दिल्ली : चावल की खेपों को लौटाने के बाद अब चीन ने भारत से भेजी गई सूखी लाल मिर्च की तीन खेपों को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही चीन ने तीन भारतीय निर्यातक कंपनियों पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगा दिया है। इस कदम से भारतीय मसाला कारोबार और निर्यातकों में चिंता बढ़ गई है।
चीन ने क्या वजह बताई?
चीनी अधिकारियों का दावा है कि भारतीय मिर्च में मेथामिडोफोस नामक कीटनाशक के अवशेष निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पदार्थ भारत में सीधे कृषि उपयोग के लिए पंजीकृत नहीं है, हालांकि यह कुछ अन्य कीटनाशकों के विघटन से उत्पन्न अवशेष हो सकता है।
रिकॉर्ड निर्यात के बाद सख्ती
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने चीन को 2.36 लाख टन मिर्च का निर्यात किया था, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। चीन भारतीय ‘तेजा’ किस्म की मिर्च का प्रमुख खरीदार है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से ओलियोरेसिन उत्पादन में किया जाता है।
व्यापारिक रणनीति पर उठे सवाल
विशेषज्ञों और व्यापारिक सूत्रों का मानना है कि गुणवत्ता संबंधी मुद्दों के अलावा इसके पीछे व्यावसायिक कारण भी हो सकते हैं। पिछले वर्षों में चीन ने कम कीमतों पर बड़ी मात्रा में मिर्च खरीदकर भंडारण किया था। अब बढ़ती कीमतों के बीच खरीदारों द्वारा गुणवत्ता जांच को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है।
किसानों और कारोबारियों पर असर
रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष चीन को भेजे गए करीब 3,000 कंटेनरों में से 10 से 15 प्रतिशत खेपों में नमी और कीटनाशक अवशेष से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो भारतीय किसानों और निर्यातकों पर इसका आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।

