CG Crime: Three accused of murdering a businessman and looting his jewellery arrested, Bihar-Jharkhand connection revealed, search continues for absconding accused
CG Crime : गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी कारोबारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और लाखों रुपये के सोना-चांदी की लूट के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिलासपुर रेंज और जीपीएम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह अपराध अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। आरोपियों ने वारदात से कई दिन पहले बाजार में आने वाले ज्वेलरी कारोबारियों की रेकी की थी और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
CG Crime : रेकी के बाद बनाई गई थी लूट और हत्या की योजना-
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू के साथ मिलकर बिहार-झारखंड से जुड़े अपने परिचित राहुल से संपर्क किया था। 23 मई को सभी आरोपी बिटकुला में एकत्र हुए और ज्वेलरी कारोबारी को निशाना बनाने की रणनीति तैयार की।
26 मई की शाम कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में आरोपियों ने प्रदीप सोनी के पास मौजूद सोना-चांदी से भरे बैग को लूटने की कोशिश की। जब व्यापारी ने विरोध किया तो आरोपियों ने अवैध हथियार से गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जेवरात से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
CG Crime : लूट के बाद किया माल का बंटवारा-
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे थे। वहां लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया। सबूत मिटाने के लिए जेवरों की पैकिंग सामग्री को पास की टेकरी में ले जाकर जला दिया गया था।
CG Crime : हथियार, कारतूस और जेवर बरामद-
पुलिस ने मामले में खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए जेवरात का हिस्सा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
CG Crime : फरार शूटरों की तलाश तेज-
पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य शूटर राहुल सहित संजय और राजू अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को अन्य राज्यों में भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और लगातार की गई निगरानी के आधार पर इस अंधी हत्या और लूटकांड की गुत्थी सुलझाई गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने में जुटी हुई है।
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