US-Israel Iran War
US-Israel Iran War: इंटरनेशनल डेस्क: 28 फरवरी से जारी अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा। पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण हैं। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के भारत में विशेष प्रतिनिधि अयातुल्लाह हाकिम अली इलाही ने स्पष्ट किया कि ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया, बल्कि यह उस पर थोपा गया है। उनका कहना है कि ईरान ने बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश की थी, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर दिख रहा है, जिससे ऊर्जा और खाद्य कीमतों में तेजी आई है।
US-Israel Iran War: युद्ध की अवधि और ईरान की तैयारी
इलाही के अनुसार, युद्ध कब तक चलेगा यह कहना मुश्किल है, लेकिन ईरान इसे समाप्त करने के लिए तैयार है बशर्ते उसकी शर्तें मानी जाएं। उन्होंने दावा किया कि हमारे पास इतनी शक्ति है कि हम इस युद्ध को दो-तीन साल से अधिक समय तक भी जारी रख सकते हैं। और आठ साल के पिछले युद्धों का अनुभव भी उसके पास है। देश की जनता भी इस स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार है।
US-Israel Iran War: युद्ध से किसे फायदा?
ईरान का मानना है कि यह संघर्ष किसी के हित में नहीं है, खासकर क्षेत्रीय देशों के लिए। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकानों के जरिए दबाव बना रहा है। साथ ही, ईरान पर आत्मसमर्पण का दबाव डालना उसकी संप्रभुता को चुनौती देना है।
US-Israel Iran War: पड़ोसी देशों के लिए संदेश
ईरान ने पड़ोसी देशों को आगाह किया कि वे अपनी जमीन का उपयोग बाहरी शक्तियों को न करने दें। उनका कहना है कि ये सैन्य ठिकाने सुरक्षा नहीं, बल्कि खतरे को बढ़ाते हैं। ईरान शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
US-Israel Iran War: नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद स्थिरता
अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद भी ईरान की व्यवस्था मजबूत बनी हुई है। इलाही ने कहा कि ईरान की प्रणाली संस्थागत है, किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं। नेतृत्व बदल सकता है, लेकिन व्यवस्था कायम रहती है।
US-Israel Iran War: भारत-ईरान संबंध और वैश्विक संदेश
ईरान ने भारत के साथ अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बताया। अंत में उन्होंने दुनिया के नेताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर इस युद्ध को खत्म करने और मानवता की रक्षा के लिए आगे आएं।
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