Govardhan Pooja
Govardhan Pooja: नई दिल्ली: आज, 22 अक्तूबर को देशभर में गोवर्धन पूजा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की अद्भुत लीला की स्मृति में मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है। इस दिन लोग गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजन करते हैं और सुख, समृद्धि व सुरक्षा की कामना करते हैं।
Govardhan Pooja: शुभ मुहूर्त और तिथि
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे शुरू होगी और 22 अक्तूबर को रात 8:16 बजे समाप्त होगी। गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त 22 अक्तूबर को दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:49 बजे तक रहेगा। इस समय स्वाति नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बनेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा का गोचर इस समय को और भी कल्याणकारी बनाता है।
Govardhan Pooja: पूजा विधि
गोवर्धन पूजा में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है। इसे रोली, चावल, खीर, पूरी, बताशे, जल, दूध और केसर अर्पित किए जाते हैं। दीपक जलाकर पवित्रता का वातावरण बनाया जाता है। परिवारजन मिलकर गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं और अंत में आरती कर क्षमा याचना की जाती है।
Govardhan Pooja: मंत्र
-गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक। विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।
-हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।।
-ॐ श्री कृष्णाय शरणं मम्।
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