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MP News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के ग्राम पिपलिया मीरा में एक दिल दहलाने वाली घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। दो साल की मासूम बच्ची दीक्षा की कथित तौर पर झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बरखेड़ी के मुस्कान क्लिनिक के डॉ. अशोक विश्वकर्मा ने बच्ची को गलत इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद वह कोमा में चली गई और अंततः उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
MP News : पिपलिया मीरा निवासी गजराज कुशवाहा ने कोतवाली थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसमें बताया गया कि उनके बड़े भाई कन्हैयालाल की बेटी दीक्षा (2 वर्ष) को खांसी और बुखार के चलते 2 अक्टूबर 2025 को सुबह 10:30 बजे बरखेड़ी के मुस्कान क्लिनिक में डॉ. अशोक विश्वकर्मा ने इलाज किया। डॉक्टर ने बच्ची को इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद दीक्षा बेहोश हो गई और कोमा में चली गई।
MP News : परिजन बच्ची को तुरंत सीहोर जिला अस्पताल ले गए, जहां से उसे शाम 6 बजे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने उसे भोपाल के मनन चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, लालघाटी में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने बच्ची की हालत नाजुक बताई। कई दिनों तक इलाज के बावजूद दीक्षा को होश नहीं आया, और अंततः उसकी मृत्यु हो गई।
MP News : परिजनों ने डॉ. अशोक विश्वकर्मा पर गलत इलाज का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर का बेटा देव विश्वकर्मा जिला अस्पताल में दो घंटे तक बच्ची के साथ रहा, लेकिन बाद में वह गांव लौट गया। परिजनों ने पुलिस से डॉ. विश्वकर्मा और उनके बेटे की जांच की मांग की है।
MP News : कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पिपलिया मीरा पहुंची। बच्ची का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
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