Human Trafficking : हजारीबाग। झारखंड पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड उदय कुमार कुशवाहा समेत छह आरोपियों को हजारीबाग से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अमेरिका में नौकरी का लालच देकर लोगों से मोटी रकम वसूलता था और उन्हें खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए विदेशी माफियाओं के हवाले कर देता था। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की और कई अहम सबूत जुटाए हैं।
Human Trafficking : शिकायत से शुरू हुई जांच-
मामला तब सामने आया जब हजारीबाग जिले के टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भरजो गांव निवासी सोनू कुमार ने 30 जुलाई 2025 को शिकायत दर्ज की। सोनू ने बताया कि मास्टरमाइंड उदय कुमार कुशवाहा, जो कथित तौर पर अमेरिका में कारोबार करता है, ने झूठे दस्तावेज और नौकरी का वादा कर उसे 2024 में ब्राजील भेजा। वहां से उसे डंकी रूट के जरिए बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टा रिका, होंडुरास और ग्वाटेमाला होते हुए अमेरिका ले जाया गया। इस दौरान उसे 50 दिनों तक माफियाओं ने बंधक बनाकर रखा। उदय ने सोनू के पिता से पैसे की मांग की, जिसके लिए मजबूरन उनकी पैतृक जमीन बेचनी पड़ी।
Human Trafficking : अमेरिकी सीमा पर पकड़े गए, भारत डिपोर्ट-
सोनू ने बताया कि अमेरिकी सीमा पर पकड़े जाने के बाद उसे मैक्सिको सिटी और सैन डिएगो के हिरासत केंद्रों में चार महीने तक रखा गया। मार्च 2025 में उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। भारत लौटने पर जब सोनू ने पैसे वापस मांगे, तो उदय और उसके भाई चौहान प्रसाद ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सोनू ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज की।
Human Trafficking : पुलिस की त्वरित कार्रवाई-
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने उप-मंडल पुलिस अधिकारी (विष्णुगढ़) बैजनाथ प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल गठित किया। छापेमारी में उदय कुमार कुशवाहा, दर्शन प्रसाद, लाल मोहन प्रसाद, चौहान प्रसाद, शंकर प्रसाद और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उदय के मोबाइल फोन, बैंक रसीदें, व्हाट्सएप चैट और तस्करी के लिए भेजे गए लोगों की सूची जब्त की। जांच में पता चला कि इस गिरोह ने 2013 से 2022 के बीच कम से कम 12 लोगों को डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा, जिनमें 8 को 2022, दो को 2019 और एक-एक को 2013 व 2018 में भेजा गया।
