Kota ICICI Bank Fraud
Kota ICICI Bank Fraud: कोटा : राजस्थान के कोटा जिले में आईसीआईसीआई बैंक की श्रीरामनगर शाखा से एक चौंकाने वाला बैंकिंग घोटाला सामने आया है। बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारी साक्षी गुप्ता ने 41 बुजुर्ग खाताधारकों के 110 खातों से गुपचुप तरीके से करीब 4.58 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर डाली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि साक्षी ने इस धनराशि को शेयर बाजार में हाई-रिस्क ट्रेडिंग में निवेश कर दिया, लेकिन उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।
Kota ICICI Bank Fraud: ‘यूचर एफडी’ लिंक का दुरुपयोग कर निकाली रकम
बैंक की आंतरिक जांच में पता चला कि साक्षी गुप्ता ने बैंक की ‘यूचर एफडी’ लिंक और डिजिटल बैंकिंग टूल्स जैसे इंस्टा कियोस्क व इंटरनेट बैंकिंग का दुरुपयोग किया। आरोपी ने ओटीपी और अलर्ट मैसेज को अपने परिवार के मोबाइल नंबरों पर डायवर्ट कर दिया ताकि खाताधारकों को ट्रांजेक्शन की कोई जानकारी न मिले। इसके लिए उसने 19 खातों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बदल दिए।
Kota ICICI Bank Fraud: हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी
आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर तरुण दाधीच द्वारा 18 फरवरी को दी गई शिकायत के आधार पर कोटा के उद्योग नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद 31 मई को पुलिस ने साक्षी को उसकी बहन की शादी से गिरफ्तार किया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है और पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

Kota ICICI Bank Fraud: 3.22 करोड़ एक ‘पूल खाते’ में भेजे गए
पूरे फर्जीवाड़े में हेमवती साहू नाम की वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते का दुरुपयोग कर उसे एक ‘पूल खाता’ बनाया गया, जिसमें ठगी की गई धनराशि को ट्रांसफर किया गया। साक्षी ने इसके बाद इस पैसे को डीमैट खातों के जरिए शेयर बाजार में निवेश कर दिया।
Kota ICICI Bank Fraud: ग्राहकों को होगा पूरा रिफंड: बैंक
आईसीआईसीआई बैंक ने एफआईआर में स्पष्ट किया है कि सभी ग्राहकों को उनकी ठगी गई राशि वापस की जा चुकी है और किसी को आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। बैंक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी दावों का निपटान कर दिया है।
