Pendra News
Pendra News: मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित पेंड्रा में एक बाघिन के विचरण का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर वन विभाग और स्थानीय लोग दोनों ही चौकस हो गए हैं।
यह घटना अमरकंटक के ज्वालेश्वर महादेव मंदिर के पास के इलाके की है, जहां हाल के दिनों में बाघिन की गतिविधियों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
सीसीटीवी में कैद हुआ बाघिन का विचरण
पेंड्रा के ज्वालेश्वर मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में बाघिन की मूवमेंट रिकॉर्ड हुई। वीडियो में बाघिन को जंगल के पास घुमते हुए देखा जा सकता है, जो कि बाघिन के आसपास के इलाके में वन्य जीवन की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन गया है। यह स्थान अमरकंटक क्षेत्र का हिस्सा है, जो एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटक स्थल है, और यहां काफी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं।
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वन विभाग की सतर्कता
वीडियो सामने आने के बाद, वन विभाग ने तुरंत इस इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। डीएफओ (डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) रौनक गोयल ने भी बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि की है और कहा कि बाघिन के जंगलों में सक्रिय होने के संकेत लगातार मिल रहे हैं।
बाघिन के द्वारा एक मवेशी का शिकार करने की घटना भी सामने आई है, जिससे इलाके के किसानों और स्थानीय निवासियों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।
जंगलों में बाघिन की गतिविधियाँ
बाघिन के विचरण के प्रमुख स्थल अमरकंटक के ज्वालेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित स्टॉप डेम के आस-पास लेंटाना के जंगल हैं, जहां लगातार बाघिन की मूवमेंट देखी जा रही है।
इस क्षेत्र में बाघिन का लगातार विचरण और मवेशी पर हमला स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। वन विभाग की टीम बाघिन की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है, और इलाके में सुरक्षा उपायों को भी बढ़ा दिया गया है।
वन विभाग की टीम का निगरानी अभियान
वन विभाग ने बाघिन की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए एक विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। टीम के सदस्य बाघिन के पैरों के निशान और अन्य संकेतों का पता लगाने के लिए लगातार इलाके का मुआयना कर रहे हैं। इसके साथ ही, ग्रामीणों को बाघिन के बारे में सतर्क रहने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी जा रही है।
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संभावित खतरा और सुरक्षा उपाय
बाघिन का इस क्षेत्र में विचरण स्थानीय वन्यजीवों और मानव जीवन दोनों के लिए खतरे का संकेत हो सकता है। वन विभाग ने इलाके के आसपास के ग्रामीणों को भी सचेत किया है कि वे रात के समय विशेष रूप से सतर्क रहें।
वहीं, बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा उचित योजना बनाई जा रही है ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगलों में वापस भेजा जा सके और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बाघिन का अमरकंटक क्षेत्र में विचरण क्षेत्रीय वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर मुद्दा बन गया है। वन विभाग की ओर से की जा रही निगरानी और सुरक्षा उपायों से उम्मीद की जा रही है कि बाघिन को जल्द ही सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही, स्थानीय निवासियों को भी इस बारे में और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।
