76वें गणतंत्र दिवस
76वें गणतंत्र दिवस : भारत देश के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह खास मौका इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि साल 2008 के बाद पहली बार अंबिकापुर में सीएम ने गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लिया।
समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा ध्वजारोहण से हुई, जिसके बाद उन्होंने परेड की सलामी ली। इस कार्यक्रम में हुए भव्य हॉर्स सेल्यूट ने दर्शकों का दिल जीत लिया। दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह का मुख्य आकर्षण बना।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदानों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत के संविधान को एक “पवित्र दस्तावेज” करार दिया और इसे वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने गणतंत्र की धरोहर को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी वर्तमान और भावी पीढ़ियों पर होने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में माओवाद और नक्सलवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माओवाद ने अपनी हिंसक विचारधारा से आम जनता का जीवन दूभर कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनाई गई नई रणनीतियों के तहत माओवाद के खात्मे के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में माओवादी कैडर के 260 से अधिक आतंकियों का सफाया किया गया है और बस्तर में माओवाद अब समाप्ति की कगार पर है। जल्द ही यह क्षेत्र लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
किसानों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित किया है। राज्य निर्माण के समय जहां 4.63 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
उन्होंने इसे किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, अधिकारी और छात्र-छात्राएं मौजूद थे। मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी और विकास कार्यों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई।

