72nd Senior National Volleyball Championship: पीएम मोदी ने किया 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन, 1000 से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

72nd Senior National Volleyball Championship: पीएम मोदी ने किया 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन, 1000 से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
72nd Senior National Volleyball Championship: पीएम मोदी ने किया 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन, 1000 से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
72nd Senior National Volleyball Championship: वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 4 से 11 जनवरी तक आयोजित की जाएगी। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। स्थानीय सांसद होने के नाते उन्होंने कहा कि वाराणसी को सही मायनों में समझने के लिए यहां आना जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे खेल के साथ-साथ काशी की संस्कृति, परंपरा और माहौल को भी अनुभव करें।
पीएम मोदी ने कहा कि देश के 28 राज्यों से आई टीमें इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि उन्होंने जो कड़ी मेहनत की है, उसकी असली परीक्षा अब काशी के मैदान में होगी।
वॉलीबॉल सिर्फ खेल नहीं, टीमवर्क और संतुलन का प्रतीक है – पीएम मोदी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वॉलीबॉल को अनुशासन, संतुलन और सहयोग का खेल बताया। उन्होंने कहा,
“वॉलीबॉल हमें सिखाता है कि बॉल को हर हाल में हवा में बनाए रखना है। यह खेल टीम स्पिरिट का सबसे अच्छा उदाहरण है, जहां हर खिलाड़ी अपने लिए नहीं, बल्कि टीम के लिए खेलता है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में देश में खेलों को लेकर सोच बदली है। सरकार ने खेल बजट बढ़ाया है और भारत का खेल मॉडल अब एथलीट-केंद्रित हो गया है। टैलेंट की पहचान, वैज्ञानिक ट्रेनिंग और मेरिट आधारित चयन से भारत खेलों में लगातार आगे बढ़ रहा है।
बनारस ने देश को दिए कई राष्ट्रीय खिलाड़ी
पीएम मोदी ने कहा कि बनारस ने विभिन्न खेलों में देश को कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, काशी विद्यापीठ और यूपी कॉलेज जैसे संस्थानों से निकले खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि चैंपियनशिप के दौरान बनारस का उत्साह और ऊर्जा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश आगे बढ़ता है, तो उसका आत्मविश्वास खेल के मैदानों में भी दिखाई देता है। 2014 के बाद भारत का प्रदर्शन कई खेलों में बेहतर हुआ है और युवाओं को तिरंगा फहराते देखना देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत बीते वर्षों में 20 से अधिक बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी ताकत से प्रयास कर रहा है।
काशी में खेलों का महाकुंभ, 58 टीमों के 1000 से अधिक खिलाड़ी पहुंचे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। यह चैंपियनशिप वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। इसमें देशभर की 58 संस्थाओं की टीमों के 1,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से काशी को एक्सप्लोर करने और इसकी सांस्कृतिक विरासत को जानने का भी आग्रह किया। खेल और संस्कृति के इस संगम से वाराणसी एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर खास पहचान बना रही है।


