पूर्व प्रधानमंत्री और भारत के महान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की दुखद खबर से पूरा देश शोक में डूब गया है। उनके सम्मान में भारत सरकार ने 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। यह शोककाल 25 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा।
इस दौरान सभी सरकारी भवनों, संस्थानों और कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। केंद्र और राज्य स्तर पर किसी भी प्रकार के आधिकारिक समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा।
डॉ. मनमोहन सिंह का राजनीतिक और आर्थिक योगदान देश के विकास के लिए अमूल्य रहा है। वे 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे और अपने नेतृत्व में उन्होंने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए, जो भारत की आर्थिक उन्नति में मील का पत्थर साबित हुए। उनके कार्यकाल को नीति और शांति के लिए याद किया जाता है।
डॉ. सिंह ने अपने जीवन में कई प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं, जिनमें भारत के वित्त मंत्री और योजना आयोग के उपाध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं। 1991 में उनके द्वारा लागू किए गए आर्थिक सुधारों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
देशवासियों ने सोशल मीडिया पर डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया है। उनका जीवन, सादगी और सेवा भाव पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।