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छत्तीसगढ़ के 14 SAS अफसर बने IAS, लेकिन 3 अफसर पदोन्नति से बाहर, जानें पूरी कहानी

Uma Verma
छत्तीसगढ़ के 14 SAS अफसर बने IAS, लेकिन 3 अफसर पदोन्नति से बाहर, जानें पूरी कहानी
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छत्तीसगढ़ के 14 SAS अफसर बने IAS, लेकिन 3 अफसर पदोन्नति से बाहर, जानें पूरी कहानी

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 14 अफसरों को एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत किया गया है। इन अफसरों को IAS अवार्ड करने के लिए हाल ही में नई दिल्ली में DPC (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में 14 नामों को मंजूरी दी गई, जिनमें से अधिकांश 2008 बैच के अधिकारी हैं।

हालांकि, इसी बैच के तीन अफसरों—सौम्या चौरसिया, आरती वासनिक, और तीर्थराज अग्रवाल—को पदोन्नति से वंचित कर दिया गया है।

पदोन्नति पाने वाले अधिकारी

इस बार IAS बनने वाले अधिकारियों में 2008 बैच के 10, 2010 बैच के 2, और 2000 व 2002 बैच के 2 अधिकारी शामिल हैं। प्रमोशन पाने वाले कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • संतोष देवांगन (2000 बैच)
  • हीना नेताम (2002 बैच)
  • आश्वनी देवांगन
  • रेणुका श्रीवास्तव
  • आशुतोष पांडेय
  • रीता यादव
  • लोकेश चंद्राकर
  • प्रकाश सर्वे
  • गजेंद्र ठाकुर
  • लीना कोसम
  • तनुजा सलाम
  • अजय अग्रवाल
  • सौमिल चौबे
  • वीरेंद्र बहादुर पंच भाई

पदोन्नति से बाहर किए गए तीन अफसर

2008 बैच के इन तीन अफसरों को पदोन्नति की दौड़ से बाहर कर दिया गया:

  1. सौम्या चौरसिया:
    कोयला घोटाले की जांच के कारण सौम्या चौरसिया जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ ईडी, एसीबी और ईओडब्ल्यू ने मामले दर्ज कर रखे हैं।
  2. आरती वासनिक:
    सीबीआई में उनके खिलाफ पीएससी भर्ती फर्जीवाड़े का मामला लंबित है। भर्ती के समय वह पीएससी की परीक्षा नियंत्रक थीं।
  3. तीर्थराज अग्रवाल:
    रायगढ़ में 2014 में हुए भूमि मुआवजा घोटाले की जांच के चलते उन्हें भी पदोन्नति से रोका गया। हालांकि, दो दिन पहले उनकी फाइल को राज्य सरकार ने नस्तिबद्ध कर दिया है।

क्या कहते हैं जानकार?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2008 बैच के सभी अफसरों को पदोन्नत किया जाता, तो 2010 बैच के अधिकारियों का नंबर इस बार नहीं आता। लेकिन विभागीय जांच और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तीन अधिकारियों को बाहर रखा गया।

राज्य सरकार के इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और "जीरो टॉलरेंस" नीति के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने यह संदेश दिया है कि विभागीय मामलों में पारदर्शिता और नैतिकता सर्वोपरि है।

निष्कर्ष

14 SAS अफसरों की IAS में पदोन्नति छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के लिए एक बड़ा कदम है। लेकिन तीन अधिकारियों का पदोन्नति से बाहर होना राज्य सरकार की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि इस कदम का राज्य के प्रशासनिक तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है।


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